
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब करीब आधा महीना बाकी रह गया है. नगर निगम ने भवन कर वसूली को लेकर कमर कस ली है. नगर निगम लगातार बकायेदारों से संपर्क कर भुगतान के लिए नोटिस जारी कर रहा है. वार्डों में कैंप लगाए जा रहे हैं. नगर आयुक्त ने भवन कर वसूली के लिए अभियान शुरू करने के निर्देश भी दे दिए हैं. अब तक इस वित्तीय वर्ष में करीब 57 करोड़ रुपए का राजस्व नगर निगम के पास आ चुका है. इसे और बढ़ाने के लिए नगर निगम डोर टू डोर अभियान चला रहा है.
बता दें अलग-अलग में वार्डों में आवासीय और कुछ सरकारी संस्थाओं द्वारा अपने भवन कर धनराशि का भुगतान नगर निगम कार्यालय को नहीं किया है. जिसके तहत भवन कर की वसूली के लिए सभी वार्डों में संपत्तियों का सत्यापन का अभियान चलाया जा रहा है. जिन वार्डों की संपत्तियों भवन कर के दायरे में नहीं हैं उनको भवन कर के दायरे में लाने के लिए व्यापक रूप से सत्यापन का अभियान चलाया जा रहा है.
नगर आयुक्त ने आवंटित वार्डों में शत प्रतिशत भवन कर वसूली के लिए भी निर्देशित किया है. इस कार्य के लिए कर अधीक्षक, कर निरीक्षक को अपने-अपने वार्डों में अभियान चलाए जाने के लिए निर्देशित किया है. जिन करदाताओं कर के भवन कर की धनराशि 10,000 से कम है वह करदाता नगर निगम द्वारा व्हाट्सएप पोर्टल के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं. भवन करदाताओं द्वारा अपने भवन कर के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए दिए गए नंबर 7409777799,9456548005,8191800195, 9761260443,7895723664 पर दूरभाष के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं.
रिमाइंडर और नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं करने वाले करदाताओं को अब अंतिम चेतावनी नोटिस दिया जाएगा. चेतावनी के 15 दिन के भीतर भवन कर जमा न होने पर संबंधित बकायेदार के खिलाफ आरसी(रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी कर वसूली की कार्रवाई की जा सकती है. जोनल कार्यालय में अतिरिक्त काउंटर लगाकर भी वसूली तेज की जाएगी. सालों से कर जमा ना करने वाले प्रतिष्ठानों पर 12 प्रतिशत ब्याज और पेनाल्टी भी लगाई जाएगी.
नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया पिछले साल की तुलना में फरवरी तक 50 करोड़ का भवन कर राजस्व जमा हो चुका था. अब तक करीब 57 करोड़ रुपए भवन कर राजस्व जमा हो गया है. स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वार्षिक कर वसूली का लक्ष्य 75 करोड़ रुपए रखा गया है. जिसे प्राप्त करने के लिए अगले कुछ दिन पूरी क्षमता से कार्य किया जाएगा.



