Blog

  • उत्तराखण्ड के युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में यह एक अच्छी पहल है

    उत्तराखण्ड के युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में यह एक अच्छी पहल है

    देहरादून।  मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड सरकार और जर्मन स्थित इनोवेशन हब राइन-माइन, के मध्य लेटर ऑफ इन्टेन्ट (एल.ओ.आई) पर हस्ताक्षर किये गये। इसका उद्देश्य उत्तराखण्ड को कुशल युवाओं को जर्मनी में स्वास्थ्य, ऑटोमोबाइल, व्यावसायिक प्रशिक्षण, हाइड्रोजन एवं नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी, नवाचार आधारित स्टार्टप जैसे क्षेत्रों से जोड़ना है।

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में यह एक अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। राज्य सरकार द्वारा युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभिन्न देशों की मांग के आधार पर भी राज्य के युवाओं को कौशल विकास से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं के कौशल विकास के साथ ही विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा कराई गई है। युवाओं को रोजगार से जोड़ने की सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। कौशल विकास और विदेशी भाषा का प्रशिक्षण दिये जाने के बाद राज्य के कई युवा विदेशों में नौकरी कर रहे हैं।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, प्रमुख सचिव  आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव  शैलेश बगौली,  विनय शंकर पाण्डेय, सी. रविशंकर, जर्मन प्रतिनिधिमंडल में राउनहाइम शहर के मेयर  डेविड रेंडल,जर्मनी के विदेशी निवेश प्रकोष्ठ के सलाहकार  सौरभ भगत तथा इनोवेशन हब राइन-माइन के सीईओ  स्टीफन विट्टेकिंड मौजूद थे।

  • स्वास्थ्य सचिव से मिला प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ का प्रतिनिधिमंडल

    स्वास्थ्य सचिव से मिला प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ का प्रतिनिधिमंडल

    देहरादून । प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार से मुलाक़ात कर प्रदेश के 196 चिकित्सकों को स्पेशल ड्यूटी अलाउंस फॉर क्रिटिकल पोजीशन (SDACP) का लाभ दिए जाने पर आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल में संघ के अध्यक्ष मनोज वर्मा और महासचिव डॉ. रमेश कुँवर सहित डॉ तुहिन, डॉ यशपाल सिंह सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।

    संघ के अध्यक्ष मनोज वर्मा और महासचिव डॉ. रमेश कुँवर ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के प्रति कृतज्ञता जताते हुए कहा कि यह निर्णय लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान की दिशा में राज्य सरकार का एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार और स्वास्थ्य सचिव ने चिकित्सकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जिस तत्परता से 196 डॉक्टरों को यह लाभ उपलब्ध कराया है, वह प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को सुदृढ़ बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

    संघ पदाधिकारियों ने बताया कि वे शीघ्र ही मुख्यमंत्री से भेंट कर भी धन्यवाद प्रकट करेंगे। बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार के समक्ष अपनी अन्य लंबित मांगें भी रखीं। इनमें पर्वतीय क्षेत्रों में कार्यरत चिकित्सकों को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए 50 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता लागू करने, सुगम और दुर्गम क्षेत्रों का उचित निर्धारण, चिकित्सकों की पदोन्नति के लिए नियमित विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठकें आयोजित करने और अस्पतालों में चिकित्सकों की सुरक्षा हेतु स्थायी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती जैसी मांगें प्रमुख रहीं।

    संघ ने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश का स्वास्थ्य तंत्र अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत चिकित्सकों को विशेष सहयोग उपलब्ध कराना तथा उनकी सुरक्षा और पदोन्नति संबंधी मुद्दों का समाधान सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

  • जन्म-मृत्यु पंजीकरण के सम्बन्ध में बैठक आयोजित हुयी

    जन्म-मृत्यु पंजीकरण के सम्बन्ध में बैठक आयोजित हुयी

    देहरादून । मुख्य सचिव  आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में जन्म-मृत्यु पंजीकरण के सम्बन्ध में राज्य स्तरीय अन्तर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुयी। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया एवं समस्याओं के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा की।

    मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जन्म-मृत्यु का पंजीकरण निर्धारित समय सीमा के अन्तर्गत अनिवार्य रूप से कर लिया जाए। उन्होंने जन्म-मृत्यु पंजीकरण से सम्बन्धित पुराने दस्तावेजों का भी डिजीटाईजेशन किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रार कार्यालयों के बाहर सूचना पट पर रजिस्ट्रार कार्यालय के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी अनिवार्य रूप से लगायी जाए।

    मुख्य सचिव ने जनपद स्तर पर जिला रजिस्ट्रार/जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति (डीएलसीसी) की बैठक का आयोजन वर्ष में कम से कम एक बार अनिवार्य रूप से किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य में फर्जी पोर्टल/वेबसाइटों के माध्यम से जन्म-मृत्यु पंजीकरण के कार्य को रोकने हेतु व्यापक प्रचार सहित आवश्यक कार्यवाही किए जाने की भी बात कही।

    इस अवसर पर सचिव  रविनाथ रमन, डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय श्रीमती ईवा आशीष श्रीवास्तव, अपर सचिव  श्रीमती रंजना राजगुरू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र की चतुर्थ जनरल बॉडी मीटिंग आयोजित हुई

    दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र की चतुर्थ जनरल बॉडी मीटिंग आयोजित हुई

    देहरादून ।मुख्य सचिव  आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र की चतुर्थ जनरल बॉडी मीटिंग आयोजित हुयी। बैठक के दौरान दून पुस्तकालय से सम्बन्धित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुयी। मुख्य सचिव ने कहा कि रविवार को दून पुस्तकालय खुला रखा जा सकता है जिससे अधिक से अधिक बच्चे इसका लाभ उठा सकते हैं।

    मुख्य सचिव ने कहा कि दून पुस्तकालय में नियमित रूप से विदेशी भाषा सीखने हेतु कार्यक्रम चलाए जा सकते हैं। उन्होंने इसके लिए सम्भावनाएं तलाशे जाने की बात कही। कहा कि राज्य सरकार द्वारा लगातार राज्य के युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार की दिशा में कार्य किया जा रहा है। दून पुस्तकालय द्वारा प्रदेश के युवाओं के लिए विदेशी भाषाओं को सिखाने की दिशा में प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने दून पुस्तकालय में प्रदेश के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर 1 से 9 नवम्बर तक रजत जयंती सप्ताह के दौरान विशेष कार्यक्रम संचालित किए जाने की भी बात कही।

    बैठक के दौरान बताया गया कि बाल वर्ग के लिए भाषा ज्ञान, नाटक, कहानी, पर्यावरण,  संस्कृति जैसे विषयों पर एवं युवाओं के लिए पर्यावरण, साहित्य, भाषा, इतिहास और संस्कृति जैसे विषयों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके साथ ही, आम जनता के लिए समाज और मानसिक स्थिति, महिला सशक्तिकरण, उपभोक्ता संरक्षण और कानून, वास्तुकला और परिवर्तन, पहाड़ों में खेती का उजाड़ होना आदि विषयों पर भी कार्यक्रम आयोति किए गए हैं।

    इस अवसर पर प्रो. बी. के. जोशी,  सुभाष कुमार,  एस. के. मट्टू एवं  एन. रविशंकर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

  • कुछ दिन चुनौतीपूर्ण, जिलों में रखें पूरी तैयारी-स्वरूप

    कुछ दिन चुनौतीपूर्ण, जिलों में रखें पूरी तैयारी-स्वरूप

    देहरादून। मौसम विज्ञान विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न जनपदों के लिए जारी रेड व ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन श्री आनंद स्वरूप ने जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आईएमडी द्वारा शुक्रवार दोपहर जारी अलर्ट के अनुसार आने वाले कुछ दिन राज्य के लिए बारिश के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। मौसम विभाग द्वारा रेड, ऑरेंज व ग्रीन अलर्ट जारी किया है। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि से नुकसान कम से कम हो, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियों पूर्व से ही सुनिश्चित कर ली जाएं तथा अधिकारी प्रत्येक स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार रहें।
    राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से वर्चुअल बैठक को संबोधित करते हुए श्री स्वरूप ने कहा कि सभी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी अपने स्तर पर भी आईएमडी की वेबसाइट को नियमित तौर पर चेक करते रहें और मौसम संबंधी अपडेट प्राप्त करें ताकि किसी भी प्रकार की चेतावनी जारी होने पर समय से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इस दौरान उन्होंने शुक्रवार को मुख्य सचिव महोदय द्वारा सचेत एप के प्रचार प्रसार को लेकर दिए गए निर्देशों से सभी डीएमएमओ को अवगत कराया। उन्होंने जनपद स्तर पर सचेत एप का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने तथा इसे अधिक से अधिक लोगों के मोबाइल फोन में डाउनलोड करवाने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए।
    इस दौरान श्री स्वरूप ने गुरुवार की रात विभिन्न जनपदों में अतिवृष्टि से हुए नुकसान तथा शुक्रवार दिनभर संचालित राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने सभी जनपदों को क्षति का आकलन कर जल्द से जल्द रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर जो भी स्थान आपदा के दृष्टिकोण से असुरक्षित हैं, वहां से लोगों को तुरंत शिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों/राहत शिविरों में पहुंचाया जाए। उन्होंने आश्रय स्थलों में रहने वाले लोगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेते हुए वहां भोजन, पानी, बिस्तर की समुचित व्यवस्था करने तथा बिजली, शौचालय तथा जनरेटर के प्रबंध भी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आश्रय स्थलों को ऐसे स्थानों पर बनाया जाए जो आपदा के लिहाज से सुरक्षित हों। उन्होंने आश्रय स्थलों में तहसील स्तरीय अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए।
    इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, डॉ. पूजा राणा, श्री हेमंत बिष्ट, श्रीमती तंद्रीला सरकार आदि मौजूद रहे।
    पहाड़ों में बारिश का मैदानों में पड़ेगा असर

    श्री आनंद स्वरूप ने कहा कि पहाड़ों में अधिक वर्षा होने पर इसका प्रभाव कहीं ना कहीं मैदानी क्षेत्र में भी पड़ेगा। नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ तथा जल भराव की संभावना हो सकती है। उन्होंने ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने सैटेलाइट फोन की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा उनका उचित रखरखाव करने के निर्देश दिए।
    सूचनाओं के आदान-प्रदान में कमी न रहे-डीआईजी नेगी

    अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी ने कहा कि इस बार चुनौतियां अधिक हैं, इसलिए सूचनाओं के आदान-प्रदान में कहीं पर भी किसी स्तर में कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने सभी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्वयं तथा डीईओसी के माध्यम से राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के संपर्क में रहते हुए प्रत्येक घटना की जानकारी एसईओसी को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक नागरिक तक राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से भेजे जाने वाले अलर्ट पहुंचने बहुत जरूरी हैं, ताकि लोग न सिर्फ जागरूक रहें बल्कि समय रहते अपनी सुरक्षा के लिए उचित कदम भी उठा सकें। उन्होंने नए बने सभी पंचायत प्रतिनिधियों के नंबर व्हाट्सएप ग्रुप में अपडेट करने को कहा।
  • मुख्यमंत्री ने  वर्चुअल माध्यम से मोस्टामानू महोत्सव में प्रतिभाग किया

    मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से मोस्टामानू महोत्सव में प्रतिभाग किया

    देहरादून ।मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को वर्चुअल माध्यम से मोस्टामानू महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर पिथौरागढ़ जनपद के अंतर्गत 62 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की 15 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल एवं पर्यटन से जुड़ी विभिन्न विकासपरक योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मोस्टामानू का मेला हमारी आस्था, विश्वास, और समृद्ध परंपराओं का प्रतीक है। यह केवल एक धार्मिक या पारंपरिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है, जो कृषि और पशुपालन से जुड़े हमारे ग्रामीण जीवन की विशिष्टताओं को भी दर्शाता है। ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध परंपराओं को संजोए रखते हुए उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने में भी सहायक सिद्ध होते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में उत्तराखंड के समग्र विकास के साथ-साथ धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण और हमारी पहचान को सुरक्षित रखने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। केदारखंड की भांति मानसखंड में स्थित कुमाऊं के पौराणिक मंदिरों के भी पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण के कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पवित्र स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 1 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न कार्य कराए गए हैं। 6 करोड़ से अधिक की लागत से गंगोलीहाट में हाट कालिका मंदिर के सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है। 43 करोड़ रूपए की लागत से बजेटी शनि मंदिर, हनुमान मंदिर तथा लक्ष्मी नारायण मंदिर के समीप आधुनिक पार्किंग स्थलों का निर्माण भी किया जा रहा है। सरकार विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से पिथौरागढ़ जनपद सहित संपूर्ण क्षेत्र के समग्र विकास को सुनिश्चित करने हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि साढ़े सात सौ करोड़ रूपए से अधिक की लागत से पिथौरगढ़ मेडिकल कॉलेज के भवन का निर्माण किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़ में लगभग 21 करोड़ की लागत से 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है। 25 करोड़ रुपए की लागत से अस्कोट, गंगोलीहाट और धारचूला में नए बस स्टेशनों के निर्माण के साथ ही पिथौरागढ़ में रोडवेज वर्कशॉप का निर्माण कार्य भी कराया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 327 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से क्षेत्र में विभिन्न सड़कों का निर्माण कार्य भी गतिमान है। पिथौरागढ़ को हल्द्वानी, देहरादून और दिल्ली से हवाई सेवा द्वारा जोड़ा है। पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को 450 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक स्वरूप में विकसित करने हेतु एयरपोर्ट अथॉरिटी और राज्य सरकार के बीच एमओयू किया चुका है, जिस पर शीघ्र ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देशवासियों से आह्वान किया है कि सभी भारतवासी स्वदेशी उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करें, जिससे आत्मनिर्भर भारत का संकल्प और भी सशक्त हो सके।  उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस मेले में हमारे स्वदेशी उत्पादों के कई स्टॉल लगे हैं, जिसमे हमारे स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों, किसानों और महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों  से अपील की कि “स्वदेशी अपनाओ देश को मजबूत बनाओ’’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करें।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पिथौरागढ़ जनपद के लिए विभिन्न घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि विकासखण्ड बिण के ग्रामसभा देवत पुरचौड़ा स्थित पहाड़ी से भूस्खलन रोकने के लिए ट्रीटमेंट का कार्य कराया जायेगा। नैनीसैनी-देवत पुरचौडा-कुम्डार से कनारी मोटर मार्ग में सुरक्षात्मक कार्य किया जायेगा। चंडाक में ईको पार्क एवं स्मृति वन का निर्माण किया जायेगा। मोस्टामानू मंदिर का सौन्दर्यीकरण कराया जायेगा। पिथौरागढ़ के नगर क्षेत्र घण्टाकर्ण से चंडाक तक सड़क के डबल कटिंग का कार्य किया जायेगा। ग्राम हलपाटी से मोस्टामानू तक सड़क का निर्माण कार्य किया जायेगा। नैनीसैनी एयरपोर्ट के निकट सिटी गार्डन का निर्माण कार्य किया जायेगा।

    इस अवसर पर भाजपा के जिला अध्यक्ष गिरीश जोशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोरा, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मेयर नगर निगम कल्पना देवलाल, डीएफओ आशुतोष सिंह, मेला समिति अध्यक्ष वीरेंद्र बोरा सहित समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से अल्मोड़ा के मां नंदा देवी मेला-2025 का किया शुभारंभ

    मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से अल्मोड़ा के मां नंदा देवी मेला-2025 का किया शुभारंभ

    देहरादून। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने आज वर्चुअल माध्यम से अल्मोड़ा के मां नंदा देवी मेला-2025 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अल्मोड़ा वासियों सहित समूचे प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह मेला हमारी लोक आस्था, संस्कृति और पहचान का प्रतीक है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक सशक्तिकरण का भी मंच है। उन्होंने यह भी कहा कि 2026 में आयोजित होने वाली मां नंदा राजजात यात्रा को भव्य रूप में मनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 12 वर्ष में एक बार आयोजित होने वाली इस यात्रा को दिव्य और भव्य बनाने में हमारी सरकार कोई भी कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। आज  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के पुनरुत्थान का अमृतकाल चल रहा है। आज हमारी धार्मिक धरोहरों को जिस प्रकार संवारा जा रहा है, उसे शब्दों में प्रकट करना कठिन है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में हमारी प्रदेश सरकार भी उत्तराखंड के समग्र विकास के साथ-साथ धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण और हमारी पहचान को सुरक्षित रखने हेतु दृढ़ संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हम मानसखंड पर्वत माला मिशन के अंतर्गत हमारे कुमाऊं क्षेत्र के पौराणिक मंदिरों के पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण हेतु प्रयास कर रहे हैं। इस परियोजना के अंतर्गत जागेश्वर में मंदिर परिसर के मूल स्वरुप को संरक्षित रखते हुए मास्टर प्लान के अनुसार सौंदर्यीकरण हेतु विभिन्न कार्य गतिमान हैं। इसके लिए जहां एक ओर प्रथम चरण में हमारी सरकार द्वारा 146 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है, वहीं दूसरे चरण के विकास कार्यों की भी स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा जहां एक ओर बेस अस्पताल के नए भवन का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, वहीं सोमेश्वर में 100 बेड के उपजिला चिकित्सालय में प्रथम चरण में 50 बेड के अस्पताल का निर्माण भी किया जा रहा है। इसके साथ ही, गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों के इलाज हेतु 50 बेड के अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक की स्थापना भी की जा रही है। लगभग 5 करोड़ रुपए की लागत से अल्मोड़ा महिला चिकित्सालय का अपग्रेडेशन भी किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत पिछले 3 वर्षों में अल्मोड़ा जनपद में 248 किमी सड़कों का निर्माण करने के साथ ही लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत भी करोड़ों रुपए की लागत से विभिन्न मोटरमार्गों का निर्माण एवं नवीनीकरण कार्य किया है। इसी क्रम में, जहां एक ओर लगभग 400 करोड़ रूपए की लागत से अल्मोड़ा-पौड़ी गढ़वाल-रुद्रप्रयाग को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण करवाया गया है। वहीं लगभग 922 करोड़ रुपए की लागत से अल्मोड़ा-बागेश्वर सड़क के चौड़ीकरण को भी मंजूरी प्रदान की गई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने ’’उड़ान योजना’’ के अंतर्गत अल्मोड़ा में पर्यटन को बढ़ावा देने और आवागमन सुगम बनाने के उद्देश्य से हेली सेवाएं भी प्रारंभ की हैं। इसके अतिरिक्त, सदी महर गाँव में 12 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से लिफ्ट पंपिंग योजना के साथ ही जनपद में 25 से अधिक स्थलों पर पार्किंग निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा में प्रशासनिक भवन का निर्माण भी किया जा रहा है। इसके साथ ही, डोल आश्रम के निकट चौखुटिया में हेलीपैड निर्माण की योजना पर भी हम कार्य कर रहे हैं। इतना ही नहीं, ‘नशा मुक्त उत्तराखंड’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में हमारी सरकार ने अल्मोड़ा में नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना भी की है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हम पहाड़ों से हो रहे पलायन को रोकने तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण परियोजनों पर कार्य कर रहे हैं। ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना के माध्यम से हमने स्थानीय आजीविका के अवसरों को बढ़ावा दिया है, जबकि हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड ने हमारे स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने का काम किया है। इसके अलावा हम स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे, और वेड इन उत्तराखंड जैसी योजनाओं के माध्यम से अपनी स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने का कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी द्वारा दिए गए ’’स्वदेशी अपनाओ देश को मजबूत बनाओ’’ के मंत्र को अपनाकर हम न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकते हैं, बल्कि स्थानीय उत्पादकों, शिल्पकारों और छोटे उद्यमियों को भी आत्मनिर्भर बना सकते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के लिए संकल्पबद्ध होकर काम कर रही है।  हमने जहां एक ओर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया है। हमने प्रदेश में लैंड जिहाद पर कड़ी कार्रवाई करते हुए साढ़े छह हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को लैंड जिहादियों से मुक्त कराया है। इसके साथ ही करीब 250 अवैध मदरसों को सील करने के साथ ही 500 से अधिक अवैध संरचनाओ को भी हटाया है। इसके अलावा ये हमारी ही सरकार है, जो प्रदेश में पहली बार सख्त भू- कानून लेकर आई है, जिससे हमारे किसानों की जमीनों को अब लैंड माफिया नहीं हड़प पाएंगे,इसके साथ ही अब हम प्रदेश में मदरसा बोर्ड को भी खत्म करने जा रहे हैं। इसके लागू होने के पश्चात 1 जुलाई 2026 के बाद हमारे प्रदेश में वे मदरसे बंद हो जाएंगे जिनमें हमारे सरकारी बोर्ड का सेलेबस नहीं पढ़ाया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि  माँ नंदा देवी के ऐतिहासिक मंदिर का पुनर्निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य पारंपरिक पर्वतीय शैली के अनुरूप वृहद रूप से किया जाएगा। सरकार विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से डीनापानी में नंदादेवी हस्तशिल्प ग्राम की स्थापना भी करेगी। इस क्राफ्ट विलेज द्वारा मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के अंतर्गत स्थानीय महिला उद्यमियों द्वारा बनाए गए उत्पादों सहित विभिन्न ताम्र वस्तुओं, ऐपण कला, काष्ठशिल्प और अन्य पारंपरिक हस्तशिल्प को भी बढ़ावा मिलेगा साथ ही इन उत्पादों को देश-विदेश के बाजार से भी जोड़ा जा सकेगा।

  • जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने दून विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए जर्मनी में पढ़ाई और काम करने हेतु 10 छात्रवृत्तियों की घोषणा की

    जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने दून विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए जर्मनी में पढ़ाई और काम करने हेतु 10 छात्रवृत्तियों की घोषणा की

    देहरादून ।  देहरादून, 28 अगस्त: देहरादून के तीन दिवसीय दौरे पर आए एक उच्च स्तरीय जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने दून विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए 10 छात्रवृत्तियों की घोषणा की है। जर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर द्वारा दी जाने वाली इन छात्रवृत्तियों के अंतर्गत दून विश्वविद्यालय के छात्र उच्च शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण तथा रोजगार के अवसर जर्मनी में तलाशने के लिए प्राप्त कर सकेंगे।

    यह घोषणा दून विश्वविद्यालय में आयोजित “गेटवे टू जर्मनी – ब्रिजिंग स्किल गैप्स, बिल्डिंग फ्यूचर्स” नामक संवादात्मक सत्र के दौरान की गई, जिसमें 500 से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए। छात्रवृत्ति के अंतर्गत चुने गए विद्यार्थियों का शिक्षा शुल्क, वीज़ा शुल्क, यात्रा, आवास और अन्य सभी खर्चों का वहन किया जाएगा।

    कार्यक्रम में मौजूद उत्तराखंड सरकार के कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा ने कहा: “वैश्विक स्तर पर नौकरियों के अवसरों में सफल होने के लिए भाषा दक्षता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उत्तराखंड, जर्मनी के साथ साझेदारी करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि हमारे प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें। कल हम जर्मनी के साथ एक आशय पत्र (Letter of Intent) पर हस्ताक्षर करेंगे जिससे प्रौद्योगिकी, उभरते क्षेत्रों और कौशल विकास में दीर्घकालीन सहयोग स्थापित हो सके।”

    जर्मन प्रतिनिधिमंडल में राउनहाइम (Raunheim) शहर के मेयर श्री डेविड रेंडल (David Rendel) जर्मनी के विदेशी निवेश प्रकोष्ठ के सलाहकार श्री सौरभ भगत तथा इनोवेशन हब राइन-माइन (Rhein Main) के सीईओ श्री स्टीफन विट्टेकिंड (Stephen Wittekind) शामिल थे।

    प्रतिनिधियों ने कहा कि जर्मनी शिक्षा, प्रौद्योगिकी, कौशल निर्माण, ऑटोमोबाइल समाधान और नवाचार आधारित उद्यमों जैसे क्षेत्रों में उत्तराखंड के साथ साझेदारी करने का इच्छुक है। इस पहल का उद्देश्य उत्तराखंड के युवाओं को वैश्विक अवसर उपलब्ध कराना और भारत-जर्मनी संबंधों को मजबूत करना है। इस अवसर पर कौशल विकास एवं रोजगार सचिव श्री सी. रवि शंकर, उच्च शिक्षा सचिव श्री रंजीत कुमार सिन्हा और दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल भी उपस्थित रहीं।
  • झील में डूबे गंगोत्री हाईवे को दुरुस्त करने के प्रयास तेज

    झील में डूबे गंगोत्री हाईवे को दुरुस्त करने के प्रयास तेज

    उत्तरकाशी: हर्षिल में झील में डूबे गंगोत्री हाईवे पर आवाजाही को सुचारू करने के लिए बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) की ओर से धराली से मलबा लाकर वहां पर भरा जा रहा है. करीब पचास से सौ मीटर सड़क पर मलबा भरकर वहां पर आवाजाही शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर सिंचाई विभाग की ओर झील के मुहाने पर पोकलैंड मशीन से नदी को चैनलाइज करने का कार्य शुरू कर दिया गया है.

    धराली-हर्षिल में अतिवृष्टि के कारण आई प्राकृतिक आपदा से हर्षिल क्षेत्र में अस्थायी झील बनने व कई स्थानों पर सड़क ध्वस्त होने से आवाजाही बाधित हो गई थी. जिससे गंगोत्री हाईवे पर हो रहे भूस्खलन होने के कारण भटवाड़ी और हर्षिल क्षेत्र में संचार समेत रसद और बिजली और पानी की परेशानी का लोगों को सामना करना पड़ता है. नलूणा में भूस्खलन होने के कारण दो दिन तक भटवाड़ी और हर्षिल घाटी में बिजली और मोबाइल नेटवर्क सेवा ठप रही.

    बीते मंगलवार देर रात्री में दोनों क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल की गई. वहीं बुधवार दोपहर तक नेटवर्क सेवा बहाल कर दी गई है. वहीं दूसरी ओर बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन की ओर से धराली में एक बार फिर से मलबे के बीच से हाईवे को सुचारू किया गया है. वहीं अब बीआरओ की ओर से झील में डूबे गंगोत्री हाईवे पर धराली से मलबा लाकर बिछाया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर हर्षिल में पोकलैंड मशीन से झील के मुहाने को खोलने का प्रयास शुरू कर दिया गया है. जिसके बाद हर्षिल गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है. उनका कहना है कि अगर इसी प्रकार कार्य चला तो जल्द ही हर्षिल को झील के खतरे से सुरक्षित किया जाएगा.

    जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि मार्ग बहाली और आवाजाही को सुचारू करने का कार्य निरंतर युद्ध स्तर किया जा रहा है. लिमच्यागाड , डबरानी और सोनगाड जैसे चुनौतीपूर्ण स्थानों पर क्षतिग्रस्त मार्गों को बहाल करके उत्तरकाशी से हर्षिल तक सड़क संपर्क बहाल किया जा चुका हैं. साथ ही विकट परिस्थितियां होने पर भी प्रशासन द्वारा हर्षिल, धराली और आसपास के क्षेत्रों में बिजली, पानी और संचार संपर्क भी बहाल कर दिया गया है. इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में रोजमर्रा की सभी जरूरी वस्तुएं तथा खाद्यान्न सामग्री भी लगातार वितरित की जा रही है. कहा कि उन्होंने पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, राजस्व, स्वस्थ, आपूर्ति, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, बीआरओ सहित समस्त संबंधित सरकारी एजेंसियों को आपदा के दौरान सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं.

  • बूढ़ा केदार इलाके में आई भीषण आपदा, बादल फटने से मची तबाही

    बूढ़ा केदार इलाके में आई भीषण आपदा, बादल फटने से मची तबाही

    टिहरी गढ़वाल: बूढ़ा केदार और गेंवाली में भारी बारिश और बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है. देर रात हुई भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने इलाके में भारी तबाही मचाई है. बूढ़ा केदार क्षेत्र से भारी नुकसान की खबर है. यहां एक निर्माण और घर का आंगन आपदा की भेंट चढ़ गया. सिंचाई विभाग द्वारा पिछले वर्ष की आपदा के बाद बनाई गई सुरक्षा दीवार भी मलबे और तेज बारिश की चपेट में आकर बह गई. लगातार हो रही बारिश के कारण बालगंगा, धर्मगंगा और भिलंगना नदियां उफान पर हैं. बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड का विकराल रूप देखकर स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है.

    बूढ़ा केदार इलाके में बादल फटा: इसी बीच, घनसाली के गेंवाली बूढ़ाकेदार में देर रात बादल फटने की सूचना से हड़कंप मच गया. गेंवाली के पूर्व ग्राम प्रधान कीर्ति सिंह राणा ने जानकारी दी कि देर रात बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है. मलबे की चपेट में आकर कई छानियां और मंदिर दब गए हैं. साथ ही कई मवेशियों के बहने की आशंका जताई जा रही है. आलू के कई खेत भी मलबे में पूरी तरह से दब गए हैं.

    एसडीएम ने कहा प्रशासन की हालात पर नजर: गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है. वहीं, एसडीएम संदीप कुमार ने बताया कि-

    सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम को मौके पर भेज दिया गया है. प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है. नदियों के बढ़ते जलस्तर और लगातार गिरते बोल्डरों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है.
    -संदीप कुमार, एसडीएम-

    सरकार से मदद की मांग: एक ग्रामीण ने कहा कि-

    भयंकर बारिश से गांव को खतरा हो गया है. कई निर्माण बह गए हैं. कई मकान खतरे में हैं. हम लोग काफी डरे हुए हैं. सरकार को हमारी ओर ध्यान देना चाहिए -ग्रामीण-

    सीसी ब्लॉक बनाने में लापरवाही का आरोप: एक और ग्रामीण ने कहा कि-

    कल रात बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है. शासन से 20 करोड़ से ज्यादा धनराशि सीसी ब्लॉक बनाने को मिले थे. लेकिन ये ब्लॉक इतने कमजोर थे कि वो बह गए हैं. इससे पता चलता है कि काम में लापरवाही हुई है. बूढ़ा केदार दोनों नदियों बालगंगा और धर्मगंगा नदियों के बीच में है. गांव वाले हमेशा आपदा से बचाने की मांग करते रहे हैं. ये क्षेत्र आपदा के लिए संवेदनशील है. सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए. गांव के लिए रास्ता भी नहीं बचा है. हम सरकार से मांग करते हैं कि यहां आरसीसी वर्क हो.-ग्रामीण-