नवंबर में उत्तराखंड आएगा निर्वाचन आयोग, 23 अक्टूबर से EVM और VVPAT की जांच होगी शुरू

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के तहत 23 अक्टूबर से ईवीएम और वीवीपैट की जांच शुरू होगी. जिलाधिकारियों की निगरानी में होने वाली इस प्रक्रिया में तकनीकी विशेषज्ञों के साथ राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे. नवंबर में केंद्रीय निर्वाचन आयोग की टीम प्रदेश का दौरा कर चुनावी तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील मतदान केंद्रों की समीक्षा करेगी.
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच निर्वाचन विभाग ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वीवीपैट की जांच की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है. प्रदेश में 23 अक्टूबर से पहले चरण के तहत ईवीएम और वीवीपैट की जांच शुरू होगी. इस प्रक्रिया के दौरान मशीनों की कार्यक्षमता सुनिश्चित करने के साथ ही चुनाव के लिए उनकी तकनीकी स्थिति का आकलन किया जाएगा. वहीं, केंद्रीय निर्वाचन आयोग की टीम अगले महीने उत्तराखंड का दौरा कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेगी.
प्रदेश में विधानसभा चुनाव को देखते हुए निर्वाचन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं. ईवीएम और वीवीपैट की जांच के लिए जिला स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं. इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी जिलाधिकारियों के स्तर से की जाएगी. जांच के दौरान ईवीएम से जुड़ी कंपनियों के तकनीकी विशेषज्ञ भी मौजूद रहेंगे. इसके अलावा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी प्रक्रिया में शामिल रहने का अवसर दिया जाएगा, जिससे जांच की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके.
उत्तराखंड में चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए केंद्रीय निर्वाचन आयोग की टीम नवंबर में प्रदेश का दौरा करेगी. प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 15 नवंबर के आसपास आयोग की टीम के उत्तराखंड पहुंचने की संभावना है. इस टीम में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ निर्वाचन आयुक्त डॉ. एसएस संधू और विवेक जोशी समेत अन्य अधिकारी शामिल हो सकते हैं.
दौरे के दौरान आयोग की टीम प्रदेश में चुनावी तैयारियों का जायजा लेगी. इसके तहत संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों की स्थिति, चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की जाएगी. पुलिस विभाग से भी सुरक्षा इंतजामों को लेकर जानकारी ली जाएगी.
प्रदेश में मतदाता सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी चुनावी तैयारियों का अहम हिस्सा है. नवंबर के पहले सप्ताह से विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू होने की संभावना जताई गई है. इसके तहत मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जाएगा. चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा निर्वाचन आयोग की ओर से ही की जाएगी. ऐसे में आने वाले दिनों में ईवीएम की जांच, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और आयोग के प्रस्तावित दौरे के जरिए प्रदेश में चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाया जाएगा.




