उत्तराखंड

उत्तराखंड में उच्च शिक्षा में शोध के लिए 9 प्रस्तावों को मंजूरी, ₹37 लाख की वित्तीय स्वीकृति

उत्तराखंड में शोध को बढ़ावा दिए जाने को लेकर ‘मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना’ संचालित की जा रही है. ऐसे में वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के संचालन के लिए वित्तीय स्वीकृति दे दी गई है. उच्च शिक्षा विभाग की इस योजना के तहत चयनित 9 नवीन शोध प्रस्तावों के लिए पहली किश्त के रूप में 35,49,954 रुपए और शोध प्रस्तावों के मूल्यांकन के लिए 40 विषय विशेषज्ञों को मानदेय दिए जाने के लिए 1,92,500 रुपए को वित्तीय स्वीकृति दी गई है.

37 लाख रुपए की मिली वित्तीय स्वीकृति: इस तरह से 37,42,454 रुपए की धनराशि को मंजूरी मिली है. इस संबंध में उच्च शिक्षा सचिव डॉ रंजीत कुमार सिन्हा ने आदेश भी जारी कर दिए हैं. जारी आदेश में धनराशि व्यय करने संबंधित निर्देश भी दिए गए हैं. जिसके तहत जारी की जा रही धनराशि उसी कार्य के सापेक्ष व्यय की जाएगी, जिसके लिए धनराशि स्वीकृत की जा रही है.

Directorate of Higher Education Uttarakhand

इस स्वीकृत धनराशि राजकीय महाविद्यालयों/राज्य विश्वविद्यालय परिसरों में कार्यरत नियमित प्राध्यापक और संबंधित संस्थानों में नियमित संस्थागत रूप में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं को शोध कार्यों के लिए पूर्व में जारी शासनादेश के तहत अनुमन्य होगी. स्वीकृत की जा रही धनराशि का आहरण निदेशक, उच्च शिक्षा की ओर से करने के बाद पात्र शोधार्थियों को राज्यस्तरीय शोध और विकास प्रकोष्ठ चयन एवं मूल्यांकन समिति की संस्तुति के क्रम में जारी शासनादेशों की व्यवस्थानुसार डीबीटी की जाएगी.

Directorate of Higher Education Uttarakhand

स्वीकृत धनराशि से ज्यादा खर्च न किए जाएं और दूसरे मद में धनराशि को खर्च न किया जाएगा. हालांकि, परिवर्तन का अधिकार विभाग के पास नहीं होगा. स्वीकृत की जा रही धनराशि का मासिक व्यय विवरण, उत्तराखंड बजट मैनुअल में निर्धारित प्रपत्रों और निर्देशों के अनुसार व्यवस्थित करते हुए आहरण वितरण अधिकारी की ओर से नियमित रूप से शासन को प्रेषित किया जाएगा.

साथ ही स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष व्यय की सूचना निर्धारित प्रपत्रों पर विभागाध्यक्ष की ओर से महालेखाकार, वित्त विभाग एवं शासन को ससमय उपलब्ध कराई जाए. प्रश्नगत धनराशि का आहरण एवं व्यय नियमानुसार मितव्ययता को ध्यान में रखकर आवश्यकता के अनुरूप ही किया जाए और अतिरिक्त बजट की प्रत्याशा में अधिकृत धनराशि से ज्यादा धनराशि कदापि व्यय नहीं की जाएगी और न ही अधिक व्यय भार सृजित किया जाएगा.

योजना के तहत 9 शोध प्रस्तावों को मिली मंजूरी-

  1. डॉ. सोनी तिलारा को गृह विज्ञान विषय पर शोध करने के लिए 10 लाख रुपए की शोध परियोजना को मंजूरी दी गई.
  2. डॉ. शिप्रा पंत को संगीत विषय में शोध करने के लिए 4,30,500 रुपए की शोध परियोजना को मंजूरी दी गई.
  3. डॉ. तनुजा विष्ट को रसायन विज्ञान विषय में शोध करने के लिए 8,55,750 रुपए की शोध परियोजना को मंजूरी दी गई.
  4. डॉ. गिरीश बिष्ट को रसायन विज्ञान विषय में शोध करने के लिए 8 लाख रुपए की शोध परियोजना को मंजूरी दी गई.
  5. डॉ. वर्षा रानी को भौतिक विज्ञान विषय में शोध करने के लिए 8 लाख रुपए की शोध परियोजना को मंजूरी दी गई.
  6. प्रो. हरीश बिष्ट को जंतु विज्ञान विषय में शोध करने के लिए 9,16,783 रुपए की शोध परियोजना को मंजूरी दी गई.
  7. डॉ. नीरजा सिंह को सामाजिक कार्य विषय में शोध करने के लिए 8 लाख रुपए की शोध परियोजना को मंजूरी दी गई.
  8. डॉ. एलबा मंडरेला को अंग्रेजी विषय में शोध करने के लिए 8,45,625 रुपए की शोध परियोजना को मंजूरी दी गई.
  9. डॉ. करुणा शर्मा को मीडिया एंड कम्युनिकेशन स्टडीज विषय में शोध करने के लिए 6,51,250 रुपए की शोध परियोजना को मंजूरी दी गई.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button