बूढ़ा केदार इलाके में आई भीषण आपदा, बादल फटने से मची तबाही

टिहरी गढ़वाल: बूढ़ा केदार और गेंवाली में भारी बारिश और बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है. देर रात हुई भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने इलाके में भारी तबाही मचाई है. बूढ़ा केदार क्षेत्र से भारी नुकसान की खबर है. यहां एक निर्माण और घर का आंगन आपदा की भेंट चढ़ गया. सिंचाई विभाग द्वारा पिछले वर्ष की आपदा के बाद बनाई गई सुरक्षा दीवार भी मलबे और तेज बारिश की चपेट में आकर बह गई. लगातार हो रही बारिश के कारण बालगंगा, धर्मगंगा और भिलंगना नदियां उफान पर हैं. बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड का विकराल रूप देखकर स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है.
बूढ़ा केदार इलाके में बादल फटा: इसी बीच, घनसाली के गेंवाली बूढ़ाकेदार में देर रात बादल फटने की सूचना से हड़कंप मच गया. गेंवाली के पूर्व ग्राम प्रधान कीर्ति सिंह राणा ने जानकारी दी कि देर रात बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है. मलबे की चपेट में आकर कई छानियां और मंदिर दब गए हैं. साथ ही कई मवेशियों के बहने की आशंका जताई जा रही है. आलू के कई खेत भी मलबे में पूरी तरह से दब गए हैं.
एसडीएम ने कहा प्रशासन की हालात पर नजर: गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है. वहीं, एसडीएम संदीप कुमार ने बताया कि-
सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम को मौके पर भेज दिया गया है. प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है. नदियों के बढ़ते जलस्तर और लगातार गिरते बोल्डरों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है.
-संदीप कुमार, एसडीएम-
सरकार से मदद की मांग: एक ग्रामीण ने कहा कि-
भयंकर बारिश से गांव को खतरा हो गया है. कई निर्माण बह गए हैं. कई मकान खतरे में हैं. हम लोग काफी डरे हुए हैं. सरकार को हमारी ओर ध्यान देना चाहिए -ग्रामीण-
सीसी ब्लॉक बनाने में लापरवाही का आरोप: एक और ग्रामीण ने कहा कि-
कल रात बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है. शासन से 20 करोड़ से ज्यादा धनराशि सीसी ब्लॉक बनाने को मिले थे. लेकिन ये ब्लॉक इतने कमजोर थे कि वो बह गए हैं. इससे पता चलता है कि काम में लापरवाही हुई है. बूढ़ा केदार दोनों नदियों बालगंगा और धर्मगंगा नदियों के बीच में है. गांव वाले हमेशा आपदा से बचाने की मांग करते रहे हैं. ये क्षेत्र आपदा के लिए संवेदनशील है. सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए. गांव के लिए रास्ता भी नहीं बचा है. हम सरकार से मांग करते हैं कि यहां आरसीसी वर्क हो.-ग्रामीण-




