रक्षाबंधन पर महिलाओं की बल्ले-बल्ले, निशुल्क रोडवेज सफर करेंगी

रक्षाबंधन पर उत्तराखंड की महिलाओं के लिए सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। इस बार महिलाएं दो दिनों तक रोडवेज बसों में बिना किराया दिए यात्रा कर सकेंगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले तय की गई एक दिन की निशुल्क यात्रा की अवधि को बढ़ाकर दो दिन करने की घोषणा की है। इससे त्योहार पर मायके जाने और फिर वापस लौटने वाली महिलाओं को काफी सुविधा मिलेगी।
सरकार की ओर से पहले रक्षाबंधन के दिन महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त सफर की सुविधा देने की योजना बनाई गई थी। बाद में मुख्यमंत्री ने इसे बढ़ाकर दो दिन कर दिया। इसका उद्देश्य त्योहार के दौरान महिलाओं को यात्रा खर्च की चिंता से राहत देना है। रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में महिलाएं अपने मायके और रिश्तेदारों के घर जाती हैं। ऐसे में दो दिन की यह सुविधा उनके लिए आने-जाने की यात्रा को आसान बना सकती है।
महिलाओं को निशुल्क बस यात्रा का लाभ देने की मांग रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की ओर से भी मुख्यमंत्री के सामने रखी गई थी। परिषद के प्रतिनिधियों ने मुलाकात के दौरान दूसरे राज्यों में लागू ऐसी व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए उत्तराखंड में भी यह सुविधा देने का सुझाव दिया था। इसके बाद सरकार ने इस दिशा में आगे कदम बढ़ाया।
उत्तराखंड रोडवेज के बेड़े से करीब 900 बसें रोजाना विभिन्न रूटों पर संचालित होती हैं। इनमें सफर करने वाले यात्रियों में महिलाओं और छात्राओं की संख्या भी काफी अधिक है। रक्षाबंधन के दौरान यात्रा बढ़ने की संभावना को देखते हुए इस फैसले से बड़ी संख्या में महिला यात्रियों को लाभ मिल सकता है।
रोडवेज इस समय आर्थिक दबाव से गुजर रहा है। ऐसे में त्योहार के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ने से परिवहन निगम को भी अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि यह पहल एक तरफ महिलाओं को सुविधा देगी, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने में भी मददगार हो सकती है। दो दिन की निशुल्क यात्रा की घोषणा से रक्षाबंधन पर उत्तराखंड की महिलाओं के लिए सफर पहले के मुकाबले ज्यादा सुविधाजनक होने की उम्मीद है।




