सत्र का आज दूसरा दिन, प्रश्नकाल में गरमाएगा सदन, कांग्रेसियों का हंगामा
कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा की सीढ़ियों पर शुरू किया धरना, किनारे से सदन में गए विधानसभा अध्यक्ष और मंत्री

चमोली जिले में गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में सोमवार से विधानसभा का बजट सत्र शुरू हुआ है. पहले दिन सीएम धामी ने बजट पेश किया. सरकार सदन में बजट पेश कर रही है. विभिन्न आंकड़े पेश कर रही है. सत्र के दूसरे दिन विधेयक पेश करने की तैयारी है. लेकिन इस बीच विपक्षी कांग्रेस विधायक धरना प्रदर्शन पर अड़े हुए हैं. दूसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा की सीढ़ियां घेरकर बैठे कांग्रेस विधायकों और विधानसभा अध्यक्ष के साथ संसदीय कार्यमंत्री की उनसे बातचीत का रोचक नजारा दिखाई दिया

विधानसभा की मुख्य सीढ़ियों पर विपक्ष का धरना: पहले दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले और बाद तक कांग्रेस की नारेबाजी और धरना प्रदर्शन जारी रहे. कांग्रेस सरकार पर एक तो सदन की कार्यवाही कम दिन के लिए आयोजित करने का आरोप लगाते हुए समय अवधि बढ़ाने की मांग कर रही है. दूसरा विपक्ष को बोलने का समुचित अवसर नहीं देने का आरोप भी लगा रही है. इसके खिलाफ वो लगातार नारेबाज कर रहे हैं.
पोस्टर लेकर सीढ़ियों पर बैठे कांग्रेस विधायक: बजट सत्र के दूसरे दिन जब सदन की कार्यवाही शुरू होने वाली थी, तब कांग्रेस के विधायक पोस्टर लेकर विधानसभा की मुख्य सीढ़ियों पर बैठ गए. इसके विधानसभा के अंदर प्रवेश करने का रास्ता बाधित हो गया. विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी और अन्य विधायक किनारे से सीढ़ियां चढ़ते हुए विधानसभा के अंदर गए.
तिलक राज बेहड़ को खींचते दिखे सुबोध उनियाल: इस दौरान उस समय माहौल हल्का-फुल्का हो गया जब संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल मुख्य सीढ़ी पर बैठे कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ को खींचते हुए दिखाई दिए. हालांकि उनियाल के खींचने पर बेहड़ अपने स्थान से उठे नहीं, बल्कि डटे रहे. इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भी हंसी-मजाक करती दिखीं. उन्होंने हंसते हुए पूछा ये रास्ता किसने जाम किया है. कांग्रेस के सभी विधायक एक सुर में कहने लगे- मैंने किया, मैंने किया. इस दौरान तिलक राज बेहड़ विधानसभा अध्यक्ष को हाथ जोड़ते हुए भी दिखाई दिए.
क्या हैं कांग्रेस की मांगें? कांग्रेस बजट सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग कर रही है. कांग्रेस ने सरकार पर एक गंभीर आरोप लगाया है कि परंपरा के अनुसार राज्यपाल के अभिभाषण के बाद तुरंत बजट पेश नहीं किया जाता, लेकिन इस बार ऐसा किया गया है. कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या जल्दी है कि सरकार ने राज्यपाल के अभिभाषण के तुरंत बाद बजट पेश कर दिया. सरकार बजट पर चर्चा कराने की बजाय उसे जल्द से जल्द पास कराने की कोशिश में है. वहीं कांग्रेस विधायकों का कहना है कि वो इतने कम समय में जनता के सवाल सदन में कैसे पूछ सकते हैं.




