उत्तराखंड

अतिक्रमण पर बुलडोजर एक्शन, 82 परिवारों के मकानों पर चली ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, भारी पुलिस बल तैनात

रामनगर के तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अपर कोसी क्षेत्र में आज सुबह से अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का बड़ा अभियान शुरू हो गया है. सुबह करीब 6:30 बजे भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई, इस अभियान के तहत करीब 80 से 82 परिवारों के कच्चे और पक्के मकानों को हटाया जा रहा है. कार्रवाई को देखते हुए मौके पर भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. पुलिस बल के साथ फायर टीम और प्रशासनिक अधिकारी भी तैनात हैं.

बता दें कि यह अतिक्रमण हटाओ अभियान फेज-2 के तहत चलाया जा रहा है. कार्रवाई शुरू होने से पहले ही देर रात कई परिवारों ने खुद अपने मकानों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया था. कुछ लोग अपने मकानों से ईंटें, दरवाजे और अन्य सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाते दिखाई दिए. वहीं आज सुबह प्रशासन ने निर्धारित कार्यक्रम के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी.

Encroachment Action

गौरतलब है कि इससे पहले साल 2025 में इसी क्षेत्र में फेज-1 के तहत करीब 51 परिवारों को हटाया गया था. वहीं फेज-2 में 90 से अधिक परिवारों को अतिक्रमण मुक्त कराने की तैयारी थी, लेकिन इनमें से करीब 9 से 10 परिवारों के मामले उच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के चलते फिलहाल उन्हें कार्रवाई से अलग रखा गया है. ऐसे में शेष करीब 80 से 82 परिवारों के मकानों पर आज प्रशासन का बुलडोजर चल रहा है.

वहीं कार्रवाई से पहले ही प्रभावित परिवारों में दहशत और मायूसी का माहौल देखने को मिला. देर शाम से ही कई महिलाएं और पुरुष अपने आशियाने उजड़ने की आशंका में रोते-बिलखते नजर आए. प्रभावित परिवारों का कहना था कि ठंड के इस मौसम में आखिर वे अपने बच्चों और परिवार को लेकर कहां जाएं. फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई जारी है और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.

रामनगर में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर प्रशासन ने पूर्व में ही तैयारियां तेज कर दी थी. तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अपर कोसी क्षेत्र में प्रस्तावित ध्वस्तीकरण अभियान के मद्देनजर वन विभाग और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए. वहीं पूरे प्रभावित क्षेत्र को 4 सुपर जोन, 7 जोन और 14 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, ताकि कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके.

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