
मिडिल ईस्ट के तनावपूर्ण हालात पर प्रधानमंत्री के बयान के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से संयम और एकजुटता बनाए रखने की अपील की है. सीएम धामी ने कहा कि कोरोना काल की तरह इस बार भी धैर्य और सामूहिक प्रयास से हर चुनौती का सामना किया जा सकता है.
मिडिल ईस्ट में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच भारत सरकार पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ही में लोकसभा और राज्यसभा में इस विषय पर देश को आश्वस्त करते हुए कहा कि भारत पहले भी कठिन परिस्थितियों का सामना कर चुका है और एकजुटता के बल पर हर चुनौती से बाहर निकला है. उन्होंने कोरोना महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि उस दौर में देशवासियों ने धैर्य, अनुशासन और संसाधनों के सही उपयोग से एक मिसाल पेश की थी. आज भी उसी भावना के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है.
प्रधानमंत्री ने संसद के दोनों सदनों में अपने संबोधन के दौरान कहा कि वैश्विक संकट के इस दौर में घबराने की बजाय सजग और सतर्क रहने की आवश्यकता है. उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे अफवाहों से बचें और सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें. साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा भी प्राथमिकता में है.
इसी क्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री के संदेश का समर्थन करते हुए कहा कि देश ने कोरोना महामारी के दौरान जिस तरह से एकजुट होकर काम किया, वही भावना आज फिर जरूरी है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वयं लोकसभा, राज्यसभा और अन्य माध्यमों से देशवासियों को स्थिति की पूरी जानकारी दी है, जिससे लोगों में भरोसा कायम हुआ है.
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह समय घबराने का नहीं, बल्कि संयम और समझदारी से काम लेने का है. उन्होंने कहा, जब कोरोना जैसी वैश्विक महामारी आई थी, तब हमने सीमित संसाधनों के बावजूद एकजुट होकर उसका सामना किया था. आज भी हमें उसी प्रकार धैर्य और अनुशासन बनाए रखना होगा. उन्होंने यह भी जोड़ा कि राज्य सरकार, केंद्र के साथ लगातार संपर्क में है और हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि किसी भी संभावित स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके. धामी ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें. उन्होंने कहा कि सरकार हर स्तर पर सतर्क है और जरूरत पड़ने पर त्वरित निर्णय लिए जाएंगे.
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है, जिसका अप्रत्यक्ष प्रभाव भारत पर भी देखने को मिल सकता है. ऐसे में केंद्र और राज्य सरकारों का समन्वय और आम जनता का सहयोग बेहद अहम हो जाता है.
फिलहाल, सरकार की ओर से लगातार स्थिति की समीक्षा की जा रही है और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों ने स्पष्ट किया है कि देश किसी भी चुनौती से निपटने में सक्षम है, बशर्ते सभी लोग मिलकर एकजुटता और संयम के साथ आगे बढ़ें.




