
अमरोहा। अमरोहा के हसनपुर में हरियाणा की युवती से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस फार्म हाउस मालिक एवं उत्तराखंड विधायक उमेश शर्मा के बयान दर्ज करेगी। एसपी लखन सिंह यादव के मुताबिक फिलहाल घटना में विधायक की संलिप्तता सामने नहीं आई है। पुलिस फार्म हाउस की व्यवस्थाओं और वहां आने-जाने वाले लोगों की जानकारी भी जुटा रही है।
हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के झूलपुरी स्थित फार्म हाउस में हरियाणा की युवती से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस की विवेचना में फार्म हाउस के मालिक उत्तराखंड विधायक उमेश शर्मा के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। एसपी लखन सिंह यादव ने बताया कि घटना विधायक के फार्म हाउस में हुई है।
इसी कारण विवेचना के दौरान फार्म हाउस से जुड़ी व्यवस्थाओं और घटना के संबंध में विधायक से पूछताछ की जाएगी। एसपी ने स्पष्ट किया कि फिलहाल घटना में विधायक की कोई संलिप्तता नहीं है। फार्म हाउस के मालिक होने के नाते उनका बयान विवेचना का हिस्सा होगा। पुलिस फार्म हाउस में आने-जाने वालों और वहां मौजूद व्यवस्थाओं से संबंधित अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
विधायक उमेश शर्मा की फेसबुक पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं सामने आईं। बताया गया कि फार्म हाउस के केयरटेकर रामनिवास ने पुलिस अफसरों को एक शिकायती पत्र भेजकर आरोप लगाया कि रात को हसनपुर पुलिस के जो दरोगा और सिपाही आए थे उन्होंने उसे धमकाया था।
विधायक उमेश शर्मा ने बृहस्पतिवार की सुबह करीब 10 बजे इस प्रार्थना पत्र को अपने फेसबुक अकाउंट पर अपलोड किया। पोस्ट के बाद कई लोगों ने कमेंट कर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। करीब पांच घंटे में पोस्ट पर 589 लाइक, 110 कमेंट और छह शेयर दर्ज किए गए। कमेंट करने वाले कुछ लोगों ने विधायक की आलोचना की और पोस्ट को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं। कुछ यूजर्स ने व्यक्तिगत टिप्पणियां भी कीं।
हसनपुर क्षेत्र स्थित विधायक के फार्म हाउस में युवती से सामूहिक दुष्कर्म और खाकी के शर्मसार होने की खबरें दिनभर सोशल मीडिया पर तैरती रहीं। मामला सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई पोस्टों ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया। वायरल खबरों के अनुसार, गृह मंत्रालय की फर्जी जांच का झांसा देकर दरोगा और जवानों ने फार्म हाउस में कमरा हासिल किया था, जहां हरियाणा की एक युवती के साथ दरिंदगी की गई।
पीड़िता ने किसी तरह पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देकर खुद को बचाया। सोशल मीडिया पर उठते सवालों के बीच हरकत में आई अमरोहा पुलिस त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दरोगा संजय तोमर, सिपाही प्रमोद और सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर लालाराम यादव व सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल मोहित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर चुकी है। खाकी पर लगे इस दाग को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
डीडी फार्म हाउस के केयरटेकर ने पुलिसकर्मियों पर गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने डीजीपी और एसपी को शिकायती पत्र भेजकर मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। गांव रजोहा निवासी रामनिवास ने शिकायती पत्र में बताया कि वह डीडी फार्म हाउस पर केयरटेकर है।
उनके अनुसार 22 सितंबर की शाम करीब 6:14 बजे एक नंबर से कई बार फोन आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम परविंदर बताया और कहा कि रजबपुर एसएसआई नरेश कुमार राणा ने बताया है कि गृह मंत्रालय दिल्ली से कुछ लोग जांच के लिए अमरोहा आ रहे हैं और उन्हें कुछ घंटे फार्म हाउस पर रुकना है। इसके बाद एसआई नरेश राणा ने भी फोन कर फार्म हाउस की लोकेशन मांगी।
रामनिवास ने व्हाट्सएप पर लोकेशन भेज दी। शिकायत के मुताबिक रजबपुर एसएसआई नरेश राणा ने फार्म हाउस पर कमरा उपलब्ध कराने को कहा। रामनिवास ने पहले मालिकों से बात करने के लिए कहा और शाम करीब साढ़े पांच बजे फार्म हाउस से अपने गांव चला गया। रात करीब आठ बजे चौकीदार मंगली ने फोन कर बताया कि कुछ पुलिस अधिकारी फार्म हाउस पहुंचे हैं।
रात करीब 10:13 बजे रामनिवास वहां पहुंचा। उसका आरोप है कि वहां स्थानीय दरोगा समेत एक महिला और सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर व कांस्टेबल मौजूद थे। रामनिवास का आरोप है कि उसने अधिकारियों से मालिकों से बात करने की बात कही तो दरोगा ने उसे डांटते हुए गाली-गलौज की और जान से मारने तथा जेल में सड़ा देने की धमकी दी।
इसके बाद वह डरकर वहां से चला गया। रात में चौकीदार के पास भी थाने से पुलिस आने की सूचना का फोन आया। सुबह जब रामनिवास फार्म हाउस पहुंचा तो वहां मौजूद लोग जा चुके थे। रामनिवास ने एसपी से मामले की एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।




