
भराड़ीसैण (गैरसैंण): चमोली जिले के भराड़ीसैंण में आयोजित विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान विपक्ष ने पंचायत चुनाव में अनियमितताओं और कानून व्यवस्था को लेकर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया. जिसके कारण सदन की कार्यवाही को बार-बार स्थगित करना पड़ा. विपक्ष का कहना था कि हाल ही में हुए पंचायत चुनावों में अनियमितताओं ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित किया है.
वहीं दूसरी ओर विधानसभा भराड़ीसैण के प्रवेश द्वार दिवालीखाल में उत्तराखंड क्रांतिकारी दल (यूकेडी) ने भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. यूकेडी ने भाजपा कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि उत्तराखंड के गठन की मूल भावना को भाजपा और कांग्रेस ने नजरअंदाज कर दिया. जिसके चलते प्रदेश की जनता आज भी ठगा हुआ महसूस कर रही है.
यूकेडी नेता बृजमोहन सजवान और आशीष नेगी ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के मुद्दे पर दोनों प्रमुख दल कभी गंभीर नहीं रहे. उनका कहना है कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करना उत्तराखंड आंदोलन की मूल मांग थी, लेकिन इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
इस दौरान यूकेडी के कार्यकर्ताओं ने सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे अहम मुद्दों को लेकर दिवालीखाल में प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा कि 25 साल बीत जाने के बावजूद भी आमजन सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार के लिए तरस रहे हैं. इस दौरान उन्होंने विधानसभा कूच करने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा कर्मियों के द्वारा उन्हें दिवालीखाल स्थित बैरियर पर रोक दिया गया. इस दौरान यूकेडी नेताओं ने कहा कि पहाड़ों के मठ, मंदिर, जंगल और जमीन को बचाने के लिए यूकेडी से जो बन पाएगा, वह करेंगे.
वहीं भराड़ीसैंण में चार दिवसीय मॉनसून सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा किया. इस पर सीएम धामी ने प्रतिक्रिया भी व्यक्त की. उन्होंने कहा कि विपक्ष, विधानसभा, लोकसभा, निकाय चुनाव और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मिली हार के गुस्से को सदन में कामकाज ठप कर उतार रहा है. सरकार हर मुद्दे पर बहस के लिए तैयार है. लेकिन विपक्ष ने कानून व्यवस्था पर चर्चा की आड़ में खुद ही सदन के अंदर कानून व्यवस्था तोड़ने का कर रहे हैं. वहीं सरकार ने विपक्ष के हंगामे के बीच ही 5,315 करोड़ रुपए से ज्यादा का अनुपूरक बजट पेश किया गया.



