उत्तराखंड में AI रिवॉल्यूशन की शुरुआत, राज्यपाल गुरमीत सिंह ने लॉन्च किया ‘ऑपरेशन आरोही’

उत्तराखंड: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने बुधवार को लोक भवन में ऑपरेशन साथी,आरोही इनक्यूबेटर एवं एआई न्यूज़लेटर का शुभारम्भ किया. राज्यपाल ने इस अवसर पर परिसर में लगी स्टार्टअप प्रदर्शनी का अवलोकन किया.
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि ये तीनों पहलें उत्तराखण्ड में ज्ञान,नवाचार,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)और जन-भागीदारी आधारित विकास के नए युग की शुरुआत हैं. उन्होंने कहा कि 21वीं सदी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस,क्वांटम कम्प्यूटिंग,साइबर टेक्नोलॉजी और उभरती प्रौद्योगिकियों की सदी है तथा उत्तराखण्ड को इस परिवर्तन का नेतृत्व करने के लिए अभी से तैयार होना होगा.
राज्यपाल ने कहा कि लोक भवन ने एआई थीम रूम और एआई ऑन व्हील्स जैसी पहलों के माध्यम से राज्य में एआई के प्रति जागरूकता और विश्वास का वातावरण तैयार किया है. अब ऑपरेशन साथी,आरोही इनक्यूबेटर और एआई न्यूज़लेटर उसी अभियान का अगला चरण हैं.
The future will belong to societies that transform ideas into innovation and innovation into public good. Launched Operation Saathi, the Aarohi Incubator, and an AI Newsletter – three initiatives aimed at building a culture of citizen-centric development in Uttarakhand.… pic.twitter.com/dpmcnIz0YH
— LT GEN GURMIT SINGH, PVSM, UYSM, AVSM, VSM (Retd) (@LtGenGurmit) July 29, 2026
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओ में अपार प्रतिभा और मौलिक ज्ञान मौजूद है. आवश्यकता इन प्रतिभाओं को पहचानने,उन्हें तकनीक,अनुसंधान और नवाचार से जोड़ने की है. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन साथी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों,विद्यालयों और विश्वविद्यालयों तक पहुंचकर स्थानीय समस्याओं के समाधान खोजने वाले युवाओं को आगे लाया जाएगा.
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विचार को विकसित होने के लिए उचित वातावरण की आवश्यकता होती है और आरोही इनक्यूबेटर युवाओं के नवाचारों को स्टार्टअप में बदलने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन,विशेषज्ञ सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराएगा. उन्होंने स्टार्टअप प्रदर्शनी का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के युवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एप्लीकेशन विकसित कर स्थानीय चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत कर रहे हैं,जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि ऑपरेशन साथी,आरोही इनक्यूबेटर एवं एआई न्यूज़लेटर उत्तराखण्ड में नवाचार,स्टार्टअप,अनुसंधान और जन-भागीदारी का सशक्त इकोसिस्टम तैयार करेंगे तथा राज्य को रिस्पॉन्सिबल एआई और इनोवेशन आधारित विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
आज कुमाऊँ विश्वविद्यालय के भीमताल परिसर में नवनिर्मित 'सीडीएस जनरल बिपिन रावत फार्मेसी अकादमिक ब्लॉक' का वर्चुअल लोकार्पण किया। भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत के नाम पर समर्पित यह भवन केवल एक अकादमिक संरचना नहीं, बल्कि अनुशासन, ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और… pic.twitter.com/ub5ucA6xNy
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इस अवसर पर टेक्नोहब के सिद्धार्थ माधव ने इन सभी पहलों के बारे में जानकारी दी. कार्यक्रम में अपर सचिव राज्यपाल रीना जोशी,महानिदेशक यूकॉस्ट दुर्गेश पंत,बेंगलुरु स्थित समर्थनम ट्रस्ट फॉर द डिसेबल्ड के असिस्टिव टेक्नोलॉजीज एक्सेलेरेटर के निदेशक जयंत श्रीनिवास,इस्कॉन मंदिर द्वारका नई दिल्ली के उपाध्यक्ष अमोघ लीला प्रभु,विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतिगण सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं.
ऑपरेशन साथी
ऑपरेशन साथी उत्तराखण्ड में दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं और नवाचारों की पहचान करने की एक विशेष पहल है. इसके अंतर्गत राज्य के सभी 13 जनपदों में विद्यार्थियों,शोधकर्ताओं,महिला उद्यमियों,किसानों, स्वयं सहायता समूहों,स्टार्टअप्स और स्थानीय नवाचारकर्ताओं से संवाद कर उनके अभिनव विचारों को सामने लाया जाएगा.
एआई न्यूजलेटर
एआई न्यूज़लेटर उत्तराखण्ड में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस,अनुसंधान,नवाचार,स्टार्टअप,तकनीक आधारित सुशासन और विभिन्न संस्थानों की उपलब्धियों को दस्तावेज़ित करने वाला एक समर्पित ज्ञान मंच है. इसके माध्यम से राज्य में एआई से जुड़ी गतिविधियों,शोध,नीतिगत पहलों,छात्र नवाचारों,स्टार्टअप उपलब्धियों तथा सफल प्रयोगों को एक मंच पर लाकर शिक्षण संस्थानों,शोधकर्ताओं,उद्योग जगत और आमजन तक पहुँचाया जाएगा.
आरओवी (RoV) इनक्यूबेटर सेंटर
आरओवी (RoV) इनक्यूबेटर सेंटर उत्तराखण्ड के नवाचारकर्ताओं और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए स्थापित एक समर्पित इनक्यूबेशन मंच है. इसका उद्देश्य युवाओं और उद्यमियों को विचार (Ide) से लेकर प्रोटोटाइप,मेंटरशिप,व्यवसाय विकास,निवेशकों से संपर्क और उद्यम स्थापना तक आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराना है. यह केंद्र विशेष रूप से ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों की प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करते हुए राज्य में मजबूत स्टार्टअप और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में कार्य करेगा.




