उत्तरकाशीदेश

जोगथ में “सरकार जनता के द्वार” शिविर, राज्य मंत्री रामसुन्दर नौटियाल ने सुनीं जनसमस्याएँ

उत्तरकाशी। जोगथ संस्कृत विद्यालय में आयोजित “सरकार जनता के द्वार” बहुउद्देशीय शिविर में मुख्य अतिथि राज्य मंत्री रामसुन्दर नौटियाल ने प्रतिभाग कर क्षेत्रवासियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न जनसमस्याएँ रखीं, जिनमें से अनेक का मौके पर ही निस्तारण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर संचालित योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त की गई तथा आमजन को सरकार की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ पहुंचाने पर बल दिया गया।

कार्यक्रम में जनसुनवाई के माध्यम से जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ, जिससे लोगों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को भी नई गति मिली। उपस्थित ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में अत्यंत उपयोगी बताया।

इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख चिन्यालीसौड़ श्री रणवीर सिंह महंत, उपजिलाधिकारी श्री देवानंद शर्मा, खंड विकास अधिकारी चिन्यालीसौड़ श्री रमोला, समाज कल्याण अधिकारी श्री सुधीर जोशी, जोगथ संस्कृत विद्यालय के प्रबंधक श्री दयानंद जगूड़ी, शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार से सम्मानित श्री लक्ष्मी प्रसाद जगूड़ी, ऋषिराम शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष श्री गणपति प्रसाद जगूड़ी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्री जोगेंद्र सिंह, ग्राम पंचायत प्रधान श्रीमती रुकमणी देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य श्रीमती यशोदा देवी, खालसी के प्रधान श्री कखवाड़ी, गढ़वाल गाड़ के प्रधान श्री कोमल सिंह चौहान, ब्रह्मनाथ देव सेवा समिति के अध्यक्ष श्री विनोद जगूड़ी,  श्री प्रवेश जगूड़ी, पूर्व प्रधान श्री मुरारी लाल जगूड़ी, श्री दौलत जगूड़ी, श्री कुशला नंद जगूड़ी,  भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष श्री लक्ष्मण सिंह चौहान, श्री विशन सिंह कोटवाल, श्री प्यार सिंह राणा, श्री रणवीर पंवार, श्री सुभाष नौटियाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं क्षेत्र के सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे।

शिविर का उद्देश्य शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा जनता की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम में जनसहभागिता और प्रशासनिक सक्रियता का उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला, जिसने क्षेत्र के विकास और जनकल्याण के प्रति शासन की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।

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