आखिर क्यों Corona संक्रमितों में बढ़ा हार्ट अटैक का खतरा, जानिए विशेष रिपोर्ट
जिन लोगों को कोरोना(Corona) हुआ था वह अभी भी स्वास्थ्य संबंधी मुश्किलों से जूझ रहे है। वर्तमान समय में पूर्व में संक्रमित हुए लोगों में पोस्ट-कोविड सिंड्रोम देखने को मिल रहा है। आज इस आर्टिकल में आप पढ़ेंगे एक विशेष रिपोर्ट के बारे में जिसमें कोरोना संक्रमितों में बढ़ते हार्ट अटैक के खतरे की वजह बताई गई है।

कोरोना(Corona) ने विश्व स्तर पर भयावह रूप ले लिया है। वर्ष 2019 में एक देश से शुरू हुई इस बीमारी ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा दिया था। हालांकि लंबे समय से कोरोना संक्रमण का असर कम हो गया है। लेकिन पूर्व में कोरोना संक्रमित हुए लोगों में फिलहाल पोस्ट-कोविड सिंड्रोम(post covid syndrome) देखने को मिल रहे है। विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना संक्रमण से शरीर के अन्य अंगों को भी क्षति पहुंची है।
यह है हार्ट अटैक का मुख्य कारण
कोरोना की गंभीर बीमारी के बाद पूर्व में संक्रमित हुए लोगों में क्रोनिक बीमारी का खतरा बढ़ गया है। हाल ही में हुए एक शोध में विशेषज्ञों ने यह जानकारी दी है कि संक्रमण का शिकार रहे अधिकतर लोगों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या देखने को मिल रही है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि कोरोना संक्रमण के दौरान लोगों में उच्च रक्तचाप की समस्या विकसित हो गई है। इसके बाद से लोगों में हृदय रोग या स्ट्रोक(heart attack cases)जैसी जानलेवा बीमारी का खतरा बढ़ गया है। एहतियात के लिए कोरोना से संक्रमित हुए लोगों को अपना ब्लड प्रेशर रूटीन के तौर पर चेक करा लेना चाहिए।
स्ट्रोक मामलों में 10-15% की वृद्धि
पिछले कुछ समय से पूरे देश भर में हार्ट अटैक से होने वाले मामलों में वृद्धि देखने को मिली है। विशेषज्ञों द्वारा किए गए शोध में यह भी बात सामने आई है कि कोविड-19 के बाद वास्तविक साक्ष्य ऐसे मामलों में 10-15% की वृद्धि का दावा करते है।
अध्ययन में सामने आई ये जरूरी बात
विशेषज्ञों द्वारा अहम जानकारी सामने आई है। वह लोग जिन्हें कोरोना संक्रमण के दौरान अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ी थी उनमें हाई ब्लड प्रेशर की समस्या दोगुना देखने को मिल रही हैं। वहीं वह लोग जो कोरोना संक्रमित हुए थे लेकिन अस्पताल में भर्ती नहीं हुए थे इनमें हाई ब्लड प्रेशर की समस्या डेढ़ गुना देखने को मिली है।
इस अध्ययन के बारे में जानकारी प्राप्त होने के बाद सभी पूर्व संक्रमित लोगों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए और अपनी बी पी नियमित तौर पर चेक कराते रहे।