महाशिवरात्रि के लिए सजा टपकेश्वर मंदिर
फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है। देवभूमि उत्तराखंड में भी शिवरात्रि का पर्व बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है इस दिन उत्तराखंड के हजारों मंदिर फूल मालाओं से सुसज्जित रहते हैं ऐसे में भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ इस दिन देखने को मिलती है वही देहरादून के सबसे पौराणिक मंदिर टपकेश्वर महादेव के प्रति लोगों की आस्था देखकर हजारों की संख्या में शिवरात्रि के दिन श्रद्धालु भोलेनाथ के दर्शन करने और उनको फल,फूल,जल,दूध समर्पित कर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं
टपकेश्वर महादेव में तैयारियां पूरी हैं क्योंकि हजारों की संख्या में श्रद्धालु का यहां आना प्रातः काल से ही शुरू हो जाता है ऐसे में व्यवस्थाएं पहले से ही दुरुस्त की जा रही है टपकेश्वर महादेव के दर्शन करने आए श्रद्धालुओं को यहां पर एक शांति की अनुभूति होती है साथ ही यहां पर मेले का भी आयोजन किया जाता है जिससे श्रद्धालु बड़े ही उत्साह के साथ इस दिन को मनाते हैं,,,
टपकेश्वर मंदिर के दिगम्बर श्री भरत गिरी जी महाराज ने सभी भक्तों को महाशिवरात्रि की हार्दिक बधाई दी साथ ही इस पर्व के महत्व को भी साझा किया
महाशिवरात्रि का त्योहार हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था. ऐसा भी कहा जाता है कि इस दिन भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों का धरती पर प्राकट्य हुआ था. इस दिन लोग भगवान भोलेनाथ की पूरे विधि विधान से पूजा की जाती है.
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