चम्पावत : लोहाघाट में गौरा महोत्सव की मची धूम देश विदेश से पहुंचे प्रवासी
लोहाघाट ब्लॉक के नेपाल सीमा से लगे सुनकुरी ,जिंदी, सुल्ला, पाषम, मजपीपल आदी ग्रामीणों क्षेत्रों में गौरा महोत्सव की धूम मची हुई है। गौरा महोत्सव में शामिल होने के लिए व मां गौरा का आशीर्वाद लेने के लिए देश ही नहीं विदेशों से भी प्रवासी अपने गांव पहुंचे हैं इस दौरान महिलाओं और पुरुषों के द्वारा गौरा गायन किया जा रहा है।
महिलाओं के द्वारा सुबह से ही मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना कर मनचाहे वरदान की कामना की जा रही है। दोपहर बाद गौरा गायन स्थल पर एकत्रित होकर महिलाओं और पुरुषों के द्वारा रामायण, महाभारत सहित देव आधारित ओ देवी का थान, दैना होया, जै जै गौरा जै महेश्वरा आदि गीतों का गायन किया जा रहा है तथा रात को भी क्षेत्र के मंदिरों में गोरा गायन किया जा रहा है
चमदेवल में पंडित मदन कलौनी ने पूजा-अर्चना संपन्न कराई। महिलाओं ने मंगलगीत गाए। पंडित मदन कॉलोनी ने बताया मान्यता के अनुसार आजकल मां गौरा अपने मायके आई हुई है उनके मायके आने की खुशी में यह गौरा महोत्सव आयोजित किया जाता है पंडित कॉलोनी ने कहा 23 अगस्त को मां गौरा को नम आंखों से उनके ससुराल कैलाश को विदा किया जाएगा इसी के साथ गौरा महोत्सव का समापन होगा मालूम हो नेपाल सीमा से लगे गांव में गौरा महोत्सव को काफी धूमधाम से मनाया जाता है